• पंजाब का ख़ज़ाना लूटने वालाें को बख़्शा नहीं जायेगा : भगवंत मान

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य का खजाना जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है तथा इसे लूटने वालों को बख़्शा नहीं जायेगा

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    चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य का खजाना जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है तथा इसे लूटने वालों को बख़्शा नहीं जायेगा।

    श्री मान ने सोमवार को यहां विधानसभा में विपक्ष और कांग्रेस विधायक दल के प्रताप सिंह बाजवा पर पलटवार करते हुये दाग़ी नेताओं के विरुद्ध विजीलैंस की कार्रवाई का विरोध कर भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए उनकी भर्त्सना की और कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई लिहाज़ न बरतने की नीति अपनाई है और ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य को बेरहमी से लूटने और तबाह करने वाले ऐसे गुनाहगारों के विरुद्ध कार्रवाई करने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि बड़े अफ़सोस की बात है कि कांग्रेसी नेता उन लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने सत्ता और ताकत का दुरुपयोग कर राज्य की दौलत की अंधाधुंध लूट की है।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्ट नेता चाहे वह सत्ताधारी पक्ष के हों या विरोधी पक्ष के किसी भी कीमत पर बख़्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार में दलदल में धँसे होने का आरोप लगाते हुये कहा कि इसके नेताओं ने अपने पद का दुरुपयोग कर जनता की दौलत लूटी। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि उन्हें भ्रष्ट नेताओं के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई करने से कोई नहीं रोक सकता।

    कांग्रेसी नेताओं पर तीखे हमले जारी रखते हुये श्री मान ने दावा किया कि विपक्ष की तरफ बैठे अनेक कांग्रेस नेता दाग़ी हैं। उन्होंने श्री बाजवा से कहा कि भले ही ये नेता इन सीटों पर आपके बीच बैठे हैं लेकिन जल्द ही इन्हें अपने गुनाहों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इनके विरुद्ध कार्रवाई होनी तय है। इसके अलावा राज्य के खि़लाफ़ हुए अपराधों में भी कई कांग्रेसी नेता शामिल हैं और उनकी सरकार ऐसे नेताओं को उनकी नापाक हरकतों के लिए जवाबदेह बनाएगी। सरकार का फर्ज बनता है कि वह भ्रष्ट नेताओं के खि़लाफ़ सख़्त कार्रवाई करे लेकिन कांग्रेस ने हमेशा ऐसे नेताओं का बचाव किया है।

    उन्होंने श्री बाजवा को याद दिलाया कि उनकी पार्टी के एक पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्ट मंत्रियों और विधायकों की सूची कांग्रेस हाईकमान को सौंपी थी। लेकिन हाईकमान इन भ्रष्ट नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय पार्टी को किरकिरी से बचाने के लिए इस सूची पर चुप्पी साध गया जिससे उसका असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

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