गजेन्द्र इंगले
ग्वालियर: पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिवस पर ग्वालियर गौरव दिवस कार्यक्रम पर सियासत शुरू हो गई है। कार्यक्रम के मंच को देखकर आप समझ सकते हैं कि इस सियासत की वजह वाजिब है।
मंच पर केवल भाजपा ही भाजपा नजर आ रही है। शहर में कांग्रेस की महापौर हैं और कार्यक्रम स्थल ग्वालियर दक्षिण विधानसभा में हैं जहाँ विधायक कांग्रेस से हैं। अब प्रशासन की कोई मजबूरी रही जो उन्होंने कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया या कांग्रेस ने ही भाजपा का कार्यक्रम मान इससे किनारा कर लिया इस को लेकर चर्चा जोरों पर है।
कार्यक्रम में कांग्रेस के किसी भी विधायक, नेता औऱ महापौर के नहीं शामिल होने पर बीजेपी ने निशाना साधते हुए कांग्रेस को छोटे मन का बताया था। जिसके बाद कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार का पलटवार सामने आया है।
उन्होंने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि जो ऐसा कह रहा है वह छोटी मानसिकता का व्यक्ति है। कांग्रेस के विधायक महापौर और पदाधिकारियों ने पहले ही अटल जी के निवास स्थान पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए थे। लेकिन अटल जी के जन्मदिवस पर किए गए ग्वालियर गौरव दिवस कार्यक्रम को बीजेपी ने हाईजैक किया और कांग्रेस के किसी भी विधायक, महापौर या पदाधिकारी को कार्यक्रम का पत्र नहीं दिया गया।
अटल जी को पूरा देश और सभी पार्टियां मानती हैं लेकिन बीजेपी ने अटल जी को बहुत छोटा करने का प्रयास किया है।बीजेपी ने पहले तो गौरव दिवस कार्यक्रम किए जाने पर संशय रखा, फिर पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया के ट्वीट के बाद उठापटक करते हुए जल्दबाजी में कार्यक्रम बनया गया। जिसकी मैं निंदा करता हूं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया है कि कार्यक्रम में किसी भी कांग्रेस विधायक और महापौर को आमंत्रण ही नहीं दिया गया।
आपको बता दें कि शोभा सिकरवार शहर की प्रथम नागरिक महापौर हैं जो कांग्रेस से हैं। वहीं प्रवीण पाठक इस क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। हालांकि प्रवीण पाठक ने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनसे जब देशबन्धु ने मोबाइल पर सम्पर्क किया तो उनसे चर्चा नहीं हो सकी। ग्वालियर गौरव दिवस को भाजपा ने हाइजेक किया या कांग्रेस ने दूरी बनाई। इस पर सियासत तो हो रही है। लेकिन कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों को बुलाया क्यों नहीं गया , इसकी हकीकत सामने नहीं आ रही है।