• मध्यस्थता से प्रकरण निराकरण के लिए अधिवक्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण

    पक्षकारों की शर्तों पर मामलों के निराकरण की आधुनिक, सरल एवं निष्पक्ष प्रक्रिया है मध्यस्थता। प्रकरणों के निराकरण में प्रशिक्षित मध्यस्थों की भूमिका महत्वपूर्ण। 45 अधिवक्ताओं ने लिया मध्यस्थता का 40 घंटे का प्रशिक्षण

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    ग्वालियर:  मध्यस्थता पक्षकारों की शर्तों पर मामलों के निराकरण की आधुनिक, सरल एवं निष्पक्ष प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में  दोनों पक्षकारों के बीच पारस्परिक समझौता करवाने में प्रशिक्षित मध्यस्थों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है ।
     
    मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्रशिक्षित किये गये 45 मध्यस्थ ग्वालियर में  वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली के अंतर्गत मध्यस्थता से मामलों के निराकरण में अपना सकारात्मक सहयोग प्रदान कर  इस प्रशिक्षण की सार्थकता सिद्ध करेंगे ऐसी आशा है। इस आशय के विचार प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री पी सी गुप्ता ने मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर व्यक्त किए। 
     
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    मीडिएशन एंड कंसिलेशन प्रोजेक्ट कमेटी सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली (एमसीपीसी) द्वारा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में  अधिवक्ताओं के दो  बैचों के लिए दिनांक गत 05 फरवरी से 09 फरवरी तक रेडिऐंस होटल में आयोजित 40 घंटे के मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
     
    प्रशिक्षण के समापन अवसर पर एमसीपीसी सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली के बैच-1 की प्रशिक्षक श्रीमती नीना खरे व श्री अशोक कुमार राय तथा बैच-2 के प्रशिक्षक श्रीमती गिरिबाला सिंह व श्री शाहिद मोहम्मद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नितिन कुमार मुजाल्दा,जिला रजिस्ट्रार श्री वरुण शर्मा,नगर निगम मजिस्ट्रेट श्री जितेन्द्र शर्मा व जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री दीपक शर्मा सहित मध्यस्थता प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिवक्ता एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।
     
    कार्यक्रम में एम सी पी सी प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिवक्ताओं द्वारा अपने - अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के समापन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर एवं प्रशिक्षण प्राप्त अधिवक्ताओं द्वारा एमसीपीसी के प्रशिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। 
     
    मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम के बैच -1 में श्री गजेन्द्र सिंह गुर्जर, श्री श्याम शर्मा, श्री नितिन अग्रवाल, श्री संजय शुक्ला, श्री विनोद पाठक, श्री गिरजा शंकर शर्मा, श्री कृष्ण गोपाल सिंह कुशवाह, श्री मो.असलम खान, श्रीमती पुष्पा बोहरे, श्री गोविन्द सिंह चौहान, श्री सौरभ मिश्रा, श्रीमती अनुराधा व्यास, सुश्री शिल्पा डोगरा, श्री ऐश्वर्य जोशी, श्री रविन्द्र शर्मा, श्री अशोक कुमार जैन, श्री एजाज़ गौरी, श्री राजेन्द्र सिंह यादव, श्री सुनील कुमार दुबे, श्री सत्येन्द्र कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती संगीता पचौरी, डॉ रामवीर सिंह चौहान एवं श्री नीरज श्रीवास्तव बैच-2 से श्रीमती मनीषा शुक्ला, श्री राजीव कुमार शर्मा,श्री वरुण कौशिक, श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह तोमर, श्री अमर सिंह माहौर, श्री तेजेश कुमार द्विवेदी, कु.चित्रा सक्सेना, श्री अशोक कुमार शर्मा, श्री उपेन्द्र कुमार श्रीवास, श्री बृजेन्द्र सिंह गौर, श्री ओमप्रकाश माथुर, श्री सुमत कुमार जैन, श्री कृष्ण कांत श्रीवास्तव, श्री जितेन्द्र सिंह कौरव, श्री सतीश कुमार दुबे, श्री धर्मेन्द्र नायक, श्री अवधेश पाराशर, श्री संजय जैन, श्रीमती पुष्पा सिंह, श्री आनंद शर्मा, श्री गिरीश कुमार श्रीवास्तव एवं श्री ओमप्रकाश सिंह भदौरिया को मिलाकर कुल 45 अधिवक्ताओं ने सफलतापूर्वक 40 घंटे का प्रशिक्षण प्राप्त किया। 

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