ग्वालियर: ग्वालियर व्यापार मेला इस समय अवस्थाओं की भेंट चढ़ा हुआ है। मेले में कई तरह की अनियमितता हूं को लेकर मेला जाने वाले सैलानी से लेकर मिला दुकानदार तक परेशान है। इन सब के बावजूद भी जिम्मेदार मिला सचिन निरंजन लाल श्रीवास्तव के कान पर जन तक नहीं रहती। वह हर अनियमितता की बात पर गोल-मल जवाब देकर बच निकलते हैं। आपको बता दें कि इस बार मिला दो माह के लिए आयोजित किया गया है मेले की शुरुआत तो हो गई है लेकिन ना तो मेले में टूटी-फूटी सड़कों की और ना ही दुकानों की मरम्मत कराई गई मेले में हर तरफ गंदगी पसरी हुई है। सैलानियों को इस गंदगी के बीच मेले का आनंद लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मेला प्रांगण में बने ज्यादातर शौचालय पर ताले पड़े हुए हैं जो 24 शौचालय खुले भी हैं तो उनमें इतनी गंदगी है कि सैलानी मजबूरन उनका उपयोग कर रहे हैं।
एक समय था जब सांस्कृतिक कार्यक्रम मिले के आकर्षण का केंद्र हुआ करते थे इस साल मेले में कोई भी अच्छे स्तर का सांस्कृतिक कार्यक्रम अभी तक नहीं हुआ है और ना ही इस तरह के किसी अच्छे सांस्कृतिक कार्यक्रम की आगे की कोई तिथि तय है इस मामले में सचिव महोदय आगे बड़े कलाकारों से बातचीत की बात कर रहे हैं अब सवाल यह उठता है कि जब आधा मिला निकल चुका है तो अब बातचीत का क्या मतलब मेला शुरू होने से पूर्व भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का कैलेंडर क्यों नहीं बनाया गया यह मिला प्राधिकरण की एक बड़ी लापरवाही है।
मेला में कितने अवस्थित रूप से हाथ ठेला लगे हुए हैं कि सैलानियों का चलना भी मुश्किल है कई मुख्य बाजारों में पूरा रास्ता हाथ ठेला द्वारा गिरा हुआ है जिससे सैलानियों को ही नहीं दुकानदारों को भी परेशानी होती है लेकिन खुले आम मिले की व्यवस्था बिगाड़ रहे यह हाथ ठेला मिला प्राधिकरण के सचिव निरंजन लाल श्रीवास्तव को दिखाई नहीं देते। ना जाने उन्होंने अपने आंख पर किस तरह का चश्मा लगा रखा है कि उन्हें मेले में हर जगह हर-हर ही दिखाई देता है। यदि इस तरह से ही ग्वालियर व्यापार मेला में व्यवस्थाओं का बोलबाला रहा तो धीरे-धीरे यह मेला अपना स्वरूप को देगा। इतनी गंदगी और आप व्यवस्थाओं के चलते सैलानी इस मेले से अपनी दूरी बना लेंगे।