भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के मौके पर 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क में पहली बार 8 चीतों को छोड़ा था। ये चीते नामीबिया से लाए गए थे। दूसरे चरण में 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को कूनो में लाया गया था। उसी समय से चीतों की देखभाल में अव्यवस्थाओं को लेकर कूनो नेशनल पार्क खबरों में बना हुआ है व्यवस्थाओं के चलते लगातार चीतों की मौत हो रही है लेकिन जिम्मेदार लोग गैर जिम्मेदाराना बयान देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
अभी हाल ही में जब मध्य प्रदेश के वन मंत्री नगर सिंह चौहान से कूनों में हो रही चीतों की मौत पर प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि एक न एक दिन तो सभी को मारना है मौत सभी की आती है आगे मामले को संभालते हुए उन्होंने सीटों के मौत की जांच करने की बात कही और साथ ही कहा कि जांच में लापरवाही सामने आती है तो उनके इस बयान को लेकर अब उनकी जमकर किरकिरी हो रही है उनके इस बयान से लगता है कि चीतों की मौत को लेकर वह गंभीर नहीं है।
आपको बता दें कि 2022 में जब चीता प्रोजेक्ट शुरू किया गया था तब केंद्र सरकार ने इस पर 93 करोड़ का बजट बनाया था इसके साथ ही इंडियन ऑयल ने भी 50 करोड़ अतिरिक्त देने की बात कही थी इस तरह चीता प्रोजेक्ट में अब तक करोड़ों रुपए लगाए जा चुके हैं। इसके बाद भी अवस्थाओं के चलते चीतों के देखभाल की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। लगातार किसी न किसी कारण से चीता की मौत हो रही है और हर बार जांच की बात कह कर इति श्री कर ली जाती है। जब वन मंत्री ही ऐसा बेतुका बयान देंगे तो इससे वन विभाग के अन्य अधिकारियों का हौसला बढ़ाना तो स्वाभाविक ही है लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस टीम प्रोजेक्ट को लेकर मध्य प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है!