झारखंड विधानसभा में भाजपा विधायक ने गुस्से में फाड़ा पेपर, असहज हुआ सदन का माहौल, स्पीकर नाराज

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन की कार्यवाही के दौरान बुधवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पांकी के भाजपा विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने सदन में प्रश्न का पेपर फाड़ डाला। उन्होंने स्पीकर पर पक्षपात करने और मौका न देने का आरोप लगाया। स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विपक्षी विधायक का "आचरण अच्छा नहीं है"

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झारखंड विधानसभा में भाजपा विधायक ने गुस्से में फाड़ा पेपर असहज हुआ सदन का माहौल स्पीकर नाराज
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एजेंसी
Updated on : 2025-03-19 18:57:44

रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन की कार्यवाही के दौरान बुधवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पांकी के भाजपा विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने सदन में प्रश्न का पेपर फाड़ डाला। उन्होंने स्पीकर पर पक्षपात करने और मौका न देने का आरोप लगाया। स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विपक्षी विधायक का "आचरण अच्छा नहीं है"।

इस प्रकरण को लेकर सदन में करीब 10 मिनट तक असहज माहौल बना रहा।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक अपने-अपने प्रश्न रख रहे थे। अपनी बारी आने पर पांकी के विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता अपना प्रश्न पढ़ते हुए कुछ सेकंड के लिए रुक गए। इस दौरान स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि आपके प्रश्न को पढ़ा हुआ मान लिया गया। इस पर विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्यों 12 बजे से यहां आकर बैठते हैं, जब पढ़ने के लिए वक्त ही नहीं दिया जाता।

स्पीकर ने इस पर उन्हें फिर से प्रश्न पढ़ने को कहा और इसके साथ ही कहा कि "आसन पर कुछ और आरोप लगाना है तो लगा दीजिए"। इस बात पर विधायक फिर गुस्से में आ गए। उन्होंने प्रश्न लिखा कागज फाड़कर सदन में फेंक दिया।

इसके बाद स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से कहा कि देख लीजिए, आपके सदस्य किस तरह का व्यवहार कर रहे हैं? आसन के सामने इस तरह का आचरण अच्छा नहीं है। मरांडी ने बीच-बचाव की कोशिश करते हुए कहा कि थोड़ी गलती हुई है। वह प्रश्न पढ़ते वक्त थोड़ा रुक गए थे और आपको लगा कि पढ़ना हो गया। कभी-कभी ऐसा हो जाता है।

संसदीय कार्यमंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इस पर कहा कि नियमानुसार प्रश्नकाल का प्रश्न 50 शब्द से अधिक नहीं होना चाहिए, लेकिन हम लंबा सवाल भी पढ़ते हैं। सदन में इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है। वह पक्ष और विपक्ष के विधायकों से आग्रह करेंगे कि ऐसा व्यवहार न करें।

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