अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर, अवैध होर्डिंग लगाने का आरोप

दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित अन्य नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। यह मामला राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रहा है और इसकी अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी। दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे

facebook
twitter
whatsapp
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर अवैध होर्डिंग लगाने का आरोप
file photo
एजेंसी
Updated on : 2025-03-28 13:02:41

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित अन्य नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। यह मामला राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रहा है और इसकी अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी। दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे।

शिकायतकर्ता शिव कुमार सक्सेना ने अदालत में सबूत पेश किए कि द्वारका इलाके में आम आदमी पार्टी के बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर अवैध रूप से लगाए गए थे। अदालत ने इस मामले पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध होर्डिंग्स न केवल शहर की सुंदरता को खराब करते हैं, बल्कि यातायात के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं। इस मामले को दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 की धारा 3 के तहत अपराध माना गया है।

अदालत ने यह भी कहा कि देश में अवैध होर्डिंग्स गिरने से लोगों की मौत होना कोई नई बात नहीं है, इसलिए इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। केजरीवाल के अलावा, पूर्व विधायक गुलाब सिंह और पूर्व पार्षद नितिका शर्मा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कर जानकारी दी कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।

गौरतलब है कि साल 2019 में द्वारका में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर कथित तौर पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था। इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी और अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। "आप" की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

संबंधित समाचार :