भाजपा ने पुजारियों और ग्रंथियों को मानदेय देने से इनकार किया : 'आप' विधायक अनिल झा

आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में भाजपा सरकार पर चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाया है। 'आप' विधायक अनिल झा ने कहा कि भाजपा सरकार ने पुजारियों और ग्रंथियों को 20 हजार रुपए प्रति माह मानदेय देने की अपनी घोषणा से इनकार कर दिया है

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भाजपा ने पुजारियों और ग्रंथियों को मानदेय देने से इनकार किया  आप विधायक अनिल झा
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एजेंसी
Updated on : 2025-03-27 19:00:58

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में भाजपा सरकार पर चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाया है। 'आप' विधायक अनिल झा ने कहा कि भाजपा सरकार ने पुजारियों और ग्रंथियों को 20 हजार रुपए प्रति माह मानदेय देने की अपनी घोषणा से इनकार कर दिया है।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणापत्र में यह वादा किया था कि सरकार बनने पर मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। लेकिन, अब मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में 'आप' विधायक जरनैल सिंह के सवाल के जवाब में स्पष्ट कर दिया कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने दिल्ली में रामराज्य जैसा शासन देने का दावा किया था और अपने घोषणा पत्र में भगवान श्रीराम के नाम का उपयोग किया था। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं ने यह भरोसा दिलाया था कि धार्मिक स्थलों से जुड़े पुजारियों और ग्रंथियों को आर्थिक सहायता मिलेगी। अब सत्ता में आते ही भाजपा ने अपने वादों से मुंह मोड़ लिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 18 हजार रुपए प्रति माह मानदेय देने की घोषणा की थी। इसे देखते हुए भाजपा ने भी 20 हजार रुपए प्रति माह देने का वादा कर दिया। लेकिन, अब भाजपा सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह से पीछे हट चुकी है।

'आप' विधायक ने कहा कि 25 मार्च को भाजपा सरकार ने दिल्ली का बजट पेश किया, लेकिन उसमें पुजारियों और ग्रंथियों के मानदेय का कोई जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब एक राष्ट्रीय पार्टी सार्वजनिक रूप से कोई घोषणा करती है, तो उसे पूरा भी करना चाहिए। पुजारियों और ग्रंथियों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती। उनके परिवारों के भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा के लिए हमारी सरकार ने पहले मानदेय देने की योजना बनाई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का बजट दिल्ली के लिए नहीं, बल्कि कहीं और से तैयार किया जा रहा है। भाजपा सरकार ने चुनाव के दौरान जो वादा किया था, उसे पूरा करने से अब इनकार कर रही है। इससे साफ होता है कि भाजपा दिल्ली की जनता के साथ धोखा कर रही है।

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