• प्रशासन पर भूमाफिया इस कदर हावी कि बीच शहर में बन रही अवैध कॉलोनी

    मध्य प्रदेश सरकार जहां अवैध कॉलोनी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी कई बार मंच से इस तरह की बातें कर चुके हैं

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    ग्वालियर। मध्य प्रदेश सरकार जहां अवैध कॉलोनी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी कई बार मंच से इस तरह की बातें कर चुके हैं। अभी हाल ही में तो ऐसा मसौदा भी तैयार होने जा रहा है जिसमें अवैध कालोनियां काटने वालों के साथ-साथ जिन अधिकारियों के क्षेत्र में कॉलोनी कट रही है उन पर भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। इन सब के बावजूद प्रशासन की नाक के नीचे ग्वालियर शहर में शहर के बीचो-बीच भी अवैध कॉलोनी काटकर दबंग भू माफियाओं ने यह साबित कर दिया है कि प्रशासन उनके सामने बौना है।

    ग्वालियर शहर के बीचो-बीच फुलवा क्षेत्र जिस शहर का मध्य या हृदय स्थल भी कहा जाता है वहीं चौराहे से मात्र 200 मीटर दूरी पर सर्वे नंबर 543 544 551 है जो सरकारी दस्तावेजों के अनुसार श्री राम जानकी मंदिर गंगादास की बड़ी साल महल गांव के नाम से ट्रस्ट मंदिर की भूमि है।
     
    इस पूरी बेशकीमती जगह पर अलग-अलग माफिया ने अलग-अलग तरह के निर्माण कार्य शुरू कर दिए हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में मंत्र 1000 ₹1200 वर्ग फीट के हिसाब से प्लॉट बेचे जा रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या शहर में बन रही यह अवैध कॉलोनी भी प्रशासन की नजर में नहीं है?
     
    अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम हमेशा ढुलमुल रवैया दिखता है पिछले कुछ महीनो में जो भी कार्यवाही हुई हैं वह भी केवल खानापूर्ति के लिए हुई हैं किसी भी कॉलोनाइजर पर ना तो मामला दर्ज हुआ और ना ही किसी से जुर्माना वसूला गया है शहर के बीचो-बीच फूल बाग क्षेत्र में काटी जा रही यह अवैध कॉलोनी प्रशासन की खानापूर्ति की कार्रवाई का जीता जागता प्रमाण है। अब इसे प्रशासन की निष्क्रियता कहें या भू माफिया का खौफ! या इन सब के पीछे किसी माननीय की कृपा दृष्टि! जो कि खुलेआम बीच शहर में अवैध कॉलोनी बनती जा रही है और जिला प्रशासन व नगर निगम आंखें मूंदे बैठा है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के पीछे कोई ना कोई गुप्त कारण तो है जो गुप्त रोग की तरह शहर की बेशकीमती जमीन को खाये जा रहा है! 

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