• कॉलेज संचालक के बेटे की हत्या से क्षत्रिय समाज मे रोष, करना पड़ा चक्का जाम

    पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने मौके पर पहुंच लोगों को समझाइश दी। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड के पीछे जो भी साजिश कर्ता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोपियों के मकान सरकारी भूमि पर बने हुए हैं तो उन्हें भी नेस्तनाबूद किया जाएगा

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    गजेन्द्र इंगले
     
    ग्वालियर: कॉलेज संचालक प्रशांत परमार के इकलौते पुत्र प्रखर परमार की नृशंस हत्या के विरोध में क्षत्रिय समाज और स्थानीय लोगों ने कलेक्ट्रेट रोड पर चक्का जाम कर दिया । यह चक्का जाम लगभग 2 घंटे तक जारी रहा। पीड़ित परिवार और क्षत्रिय समाज की मांग थी कि हत्यारों को फांसी दी जाए ।आरोपी लोग आपराधिक प्रवृत्ति के हैं इनके मकान भी सरकारी जमीन पर बने हुए हैं उन्हें भी तोड़ा जाए। कल हुए इस हत्याकांड के बाद शहर के क्षत्रिय समाज मे रोष है।
     
     पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह चक्का जाम कर रहे लोगों को समझाइश दी। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड के पीछे जो भी साजिश कर्ता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोपियों के मकान सरकारी भूमि पर बने हुए हैं तो उन्हें भी नेस्तनाबूद किया जाएगा। गौरतलब है कि कालेज संचालक प्रशांत परमार के बेटे को नगर निगम में कार्यरत करण वर्मा और उसके 2 साथी गौरव एवं भानु वर्मा ने भवन निर्माण की अनुमति के कागजात देने के बहाने अगवा कर लिया था। इसके बाद इन हत्यारों ने कलेक्ट्रेट के पीछे जाकर प्रखर की हत्या कर दी थी और उसकी लाश को झांसी के नजदीक जला दिया था। पुलिस ने झांसी जाकर मृतक प्रखर की लाश बरामद कर ली है।
     
    पुलिस का कहना है कि इस मामले में तीनों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं यदि इसमें कोई अन्य भी साजिशकर्ता शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पता चला है कि कालेज संचालक प्रशांत परमार के कालेज से पढ़ने वाला करण वर्मा उनका पूर्व परिचित था। करण नगर निगम में कार्यरत था। भवन निर्माण की एक अनुमति के एवज में प्रशांत परमार ने करण को करीब 8 लाख से ज्यादा की रकम भी दे दी थी ।इसी भवन निर्माण की अनुमति के कागजात देने के बहाने प्रखर को इन बदमाशों ने अगवा किया था बाद में उसकी हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में प्रशांत परमार ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया था। 
     

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