• भारत मे अमेरिकी राजनयिको के साथ कोई ढिलाई नहीं

    भारत ने आज संकेत दिये कि अमेरिका मे तैनात भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरगडे के खिलाफ अगर आरोप वापस नहीं लिये गये

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    देवयानी मामले मे अपने रूख मे नरमी नहीं लाएगा भारत
    नयी दिल्ली !  भारत ने आज संकेत दिये कि अमेरिका मे तैनात भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरगडे के खिलाफ अगर आरोप वापस नहीं लिये गये तो वह भारत मे अमेरिकी राजनयिको के साथ कोई ढिलाई नहीं बरतेगा।
        भारत मे अमेरिका की राजदूत नैसी पावेल ने आज यहां विदेश मंत्रालय मे आकर इस कूटनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिये अधिकारियो के साथ बातचीत की। हालांकि इसका कोई नतीजा नहीं निकला।
        ऐसे संकेत है कि अगर सुश्री खोबरगडे के खिलाफ आरोप वापस नहीं लिये गये तो भारत देश मे अमेरिकी राजनयिको के साथ किये जा रहे ..समान व्यहार.. के सिद्धान्त पर अडिग रहेगा।
        भारत ने इस घटना के खिलाफ तीन दिन पहले अमेरिकी अधिकारियो के परिचयपत्र और हवाई अड्डा पास जमा करा लिये है तथा नई दिल्ली स्थित उसके दूतावास एवं वाणिज्य दूतावासो मे कार्यरत भारतीय र्कमचारियो और उन्हें दिये जाने वाले वेतन के बारे मे सूचना मांगी है।
    भारत ने इसके साथ ही न्यूयार्क स्थित भारतीय दूतावास के सामने राजनयिको की विशिष्ट पार्किंग को बिना सूचना दिये सामान्य पार्किंग बनाये जाने का हवाला देते हुए चाणक्यपुरी के न्याय मार्ग पर बैरिकेड हटाकर उसे सामान्य यातायात के लिये खोल दिया है ।
        भारत की ओर से इस अप्रत्याशित कार्रवाई से अमेरिका मे भी कूटनीतिक हलचल हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री जान कैरी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन से बात करके इस घटना पर खेद जताया। विदेश उपमंत्री विण्डी शर्मन ने भी कल विदेश सचिव सुजाता सिंह से लंबी बातचीत की थी लेकिन न्यूयार्क के मैनहट्टन के अटार्नी प्रीत भरारा और अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मैरी हार्फ ने ऐसे बयान दिए जिनमे सुश्री खोबरगडे को दोषी ठहराया गया है ।
        इस बीच भारत अपने रूख पर कायम है कि सुश्री खोबरगडे के खिलापं आरोप वापस हो और उनके साथ हुए दुव्र्यवहार पर अमेरिका माफी मांगे।

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