• सुख और दुख से अप्रभावित रहने वाला ही स्थिरप्रज्ञ है : सुशील

    बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि सुख और दुख से अप्रभावित रहने वाला ही स्थिरप्रज्ञ है

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    पटना। बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि सुख और दुख से अप्रभावित रहने वाला ही स्थिरप्रज्ञ है।

    श्री मोदी ने यहां श्रीकृष्ण स्मारक हाॅल में आयोजित ‘अखिल भारतीय भगवद्गीता महासम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा, “स्थिरप्रज्ञता वह स्थिति है जब हम दुख और सुख में तटस्थ रहें। जो स्थिरप्रज्ञ है वहीं सही एवं सर्वहित में निर्णय ले सकता है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चर्चा करते हुए कहा कि एक बार उनसे पूछा गया कि विपरीत परिस्थितियों में भी वे कठिन निर्णय कैसे लेते हैं तो उन्होंने बताया कि ईश्वर ने उन्हें ऐसी शक्ति दी है कि विषम स्थितियां उन्हें विचलित नहीं करती है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्त वैदिक धर्मों का सार गीता संशय और द्वंद्व से बाहर निकलने का मार्ग बताती है। सभी धर्म कहते हैं कि अहिंसा और सत्य बोलना, गुरुजनों की सेवा करना परम धर्म है, लेकिन आत्मसम्मान तथा अन्य प्राणियों की रक्षा के लिए की जाने वाली हिंसा एवं असत्य संभाषण भी धर्म है। धर्म का अर्थ पूजा-पाठ नहीं बल्कि कर्तव्य होता है।

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