• उग्रवादियों ने किया ग्रामीणों का अपहरण

    अगरतला ! त्रिपुरा के पूर्वी भाग में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक गांव में नेशनल लिबरेशन त्रिपुरा के फ्रंट (एनएलएफटी) उग्रवादियों ने दो जनजातीय ग्रामीणों का अपहरण कर लिया।

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    बांस इकट्ठा करने के लिए जंगल गए थे ग्रामीण
    अगरतला !   त्रिपुरा के पूर्वी भाग में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक गांव में नेशनल लिबरेशन त्रिपुरा के फ्रंट (एनएलएफटी) उग्रवादियों ने दो जनजातीय ग्रामीणों का अपहरण कर लिया। पुलिस ने बताया कि राज्य के धलाई जिले के गंगा नगर पुलिस थाने के अंतर्गत एनएलएफटी के उग्रवादियों ने कल रात 28 वर्षीय शांतिजॉय त्रिपुरा और 25 वर्षीय मोनोजॉय त्रिपुरा का अपहरण कर लिया।पुलिस सूत्रों के मुताबिक गंगानगर पुलिस थाने के दूरदराज के गांव माल्दाकुमारपाड़ा के रहने वाले 35 वर्षीय धनंजॉय त्रिपुरा शांतिजॉय और मोनोजॉय के साथ कल बांस इक_ा करने के लिए जंगल गए थे। इस क्रम में गलती से वे जंगल के अंदर बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी की सीमा के पर चले गए, जहां तीनों ग्रामीणों को एनएलएफटी के उग्रवादियों ने पकड़ लिया और धनंजॉय को जबरन वसूली का पर्चा देकर छोड़ दिया। इस पर्चें में लिखा है कि जब तक माल्दाकुमारपाड़ा के ग्रामीण तय मानदंडों के अनुसार वसूली का भुगतान नहीं करेंगे तब तक बंधक बनाए गए ग्रामीणों को नहीं छोड़ा जाएगा।          पुलिस ने ग्रामीणों के बंधक बनाए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि हमने दो ग्रामीणों के अपहरण की सूचना सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को दे दी है। उग्रवादी संगठन एनएलएफटी और राज्य सरकार के बीच राजधानी शिलांग और नयी दिल्ली में शांति वार्ता पर बैठक होनी थी जिसका सरकार ने स्वागत किया था लेकिन इस घटना के बाद बातचीत पर विपरीत असर पड़ सकता है।  शांति वार्ता प्रक्रिया के दौरान एनएलएफटी ने पहले भी नागरिकों के अपहरण का  प्रयास किया था और सीमा पर  कांटेदार तार की बाड़ लगाने के काम में जुटी एजेंसियों और  राज्य के पूर्वी हिस्से में रह रहे ग्रामीणों को जबरन वसूली के संबंध में  नोटिस भेजे थे।   मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ समझौता कर  किसी भी राष्ट्र विरोधी संगठन के साथ संघर्ष विराम नहीं किया जा सकता ।

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