नई दिल्ली। राज्यसभा ने बुधवार को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों और व्यक्तियों के अधिकारों तथा कल्याण को बढावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन की कार्यवाही शुरू होने पर जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद कहा कि आज विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस है और इस मौके पर यह सदन इस रोग से पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करता है।
उन्होंने कहा 'यह सदन ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्तियों के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। आइए हम सामूहिक रूप से एक ऐसे समाज का निर्माण करने का संकल्प लें जहाँ ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्ति सम्मान और समान अवसरों के साथ पूर्ण जीवन जीने के लिए सशक्त हों। प्रत्येक चुनौतीपूर्ण मानव संसाधन प्रतिभा का भंडार है।'