कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों ब्रिटेन की राजधानी लंदन में हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के केलॉग कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान कोलकाता के आर.जी. कर मामले को लेकर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ छात्रों ने 'गो बैक' के नारे लगाए। आर.जी. कर पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि सभी लोग उनकी बेटी को न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
आर.जी. कर मामले की पीड़िता के पिता ने कहा, "मेरी बच्ची बंगाल सरकार की कर्मचारी थी। उसके कर्म स्थान पर उसका रेप और मर्डर हुआ। ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई थी। पूरे देश-दुनिया के लोग मेरी बेटी के साथ हैं। सब लोग उसे इंसाफ दिलाने के लिए जुटे हुए हैं। पश्चिम बंगाल, हिंदुस्तान और पूरी दुनिया में जहां पर भी ममता बनर्जी जाएंगी, उन्हें इसका जवाब देना होगा। जो लोग मेरी बच्ची के साथ हैं, उसे अपने घर की बच्ची समझते हैं, वही लोग ममता बनर्जी का विरोध कर रहे हैं।"
पीड़िता की मां ने कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे हमारे साथ हैं। हमें इंसाफ मिलना चाहिए। मेरी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए।"
इससे पहले भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट करके ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "पश्चिम बंगाल पुलिस की सुरक्षा में बैठकर आम तौर पर आक्रामक रहने वाली ममता बनर्जी केलॉग कॉलेज में खुद की एक कमजोर छाया की तरह दिख रही थीं, जब गुस्साए हिंदू बंगालियों ने हिंदुओं के नरसंहार और आर.जी. कर तथा संदेशखाली सहित महिलाओं के बलात्कार और हत्या के कई मामलों के लिए उनकी निंदा करते हुए नारे लगाए।"
उन्होंने लिखा, "पश्चिम बंगाल में 2026 का चुनाव यदि स्वतंत्र और निष्पक्ष होता है तो जनता उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए वोट करेगी। राज्य सरकार की मशीनरी, विशेष रूप से पुलिस, जो तृणमूल कैडर के रूप में काम करती है, का दुरुपयोग कम किया जाना चाहिए, और वह किसी कमजोर तानाशाह की तरह आत्मसमर्पण कर देंगी।"
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को लंदन में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के केलॉग कॉलेज में अपने भाषण के दौरान भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के छात्र नेताओं ने 'गो बैक' के नारे लगाए और बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के साथ ही आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े मुद्दों पर सवाल किए।
विरोध के बाद आखिर में, ममता बनर्जी ने बिना किसी अवरोध के अपना भाषण पूरा किया।