नई दिल्ली। मेरठ पुलिस ने ईद के मौके पर सड़क पर नमाज अदा करने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सिटी एसपी आयुष विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया है कि अगर ईद की नमाज ईदगाह या निर्धारित स्थानों के बजाय सड़क पर पढ़ी गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया है कि नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें सड़क पर नमाज पढ़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किए जा सकते हैं। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती होगी। सीसीटीवी, ड्रोन और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से निगरानी की जाएगी।
एसपी सिटी ने बताया कि पिछले वर्ष भी 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस बार भी किसी को नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मेरठ पुलिस ने सभी लोगों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और नमाज केवल तय स्थानों पर ही अदा करें। पुलिस का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
इधर, दिल्ली की शकूर बस्ती से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक करनैल सिंह ने बुधवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा को चिट्ठी लिखी, जिसमें भाजपा विधायक ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर ऐतराज जताया है।
करनैल सिंह ने कहा कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने से यातायात बाधित होती है, जिससे लोगों को असुविधा होती है। हम सभी को अपने-अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है, लेकिन यह भी जरूरी है कि सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात प्रभावित न हो।
भाजपा विधायक करनैल सिंह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी में लिखा, "आपका ध्यान एक महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। हमारे शहर में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने से यातायात बाधित होता है, जिससे आम जनता को असुविधा होती है। कई बार, इस कारण से एम्बुलेंस, स्कूल बसें और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।"
उल्लेखनीय है कि ईद की नमाज 31 मार्च या 1 अप्रैल को हो सकती है, ऐसे में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सख्ती से नियमों को लागू करने की तैयारी कर रहा है।