ज्ञात हो कि डे एक प्रतिष्ठित पत्रकार थे जो समाचारपत्र 'मिड डे' के लिए कार्य करते थे और खासतौर से माफियाओं की गतिविधियों पर लिखा करते थे। उनकी दिनदहाड़े हत्या के खिलाफ व्यापक प्रदर्शनों से मुम्बई पुलिस भारी दबाव में है। राय ने गिरफ्तार लोगों के बयान का हवाला देते हुए कहा कि जैसा कि पुलिस को बताया गया वे सातों लोग यह नहीं जानते थे कि मरने वाला कौन है और उन्हें क्यों मरवाया गया। यह जानने के बाद उन्हें दुख हुआ कि जिन्हें उन्होंने मारा वह एक श्रेष्ठ पत्रकार थे। राय ने कहा कि गिरोह के सदस्य पुलिस से बचने के लिए तितर-बितर हो गए और तुरंत देश के विभिन्न हिस्सों में जा छिपे। राय के मुताबिक यह गिरोह 'अत्यंत पेशेवराना तरीके' से कार्य करता था। गिरोह ने बताए गए हुलिए के आधार पर डे की तलाश की तथा मोटरसाइकिल की पंजीकरण संख्या के आधार पर पत्रकार का पीछा किया।
छह हत्यारों में से तीन मोरसाइकिल पर सवार थे, जबकि सातवां सदस्य बैकअप वैन में था। राय ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कालिया (34) ने चेकोस्वोवाकिया में निर्मित रिवाल्वर का इस्तेमाल किया था जिसमें 25 कारतूस भरे थे। यह रिवाल्वर उन्हें डे की हत्या करने के लिए मुहैया कराई गई थी। बताया गया कि 11 जून को कालिया ने डे पर जो पांच गोलियां दागी थीं उनमें से एक उनके सीने में लगी थी। इस सिलसिले में पहली गिरफ्तारी तमिलनाडु के धार्मिक शहर रामेश्वरम में की गई। वहां इस गिरोह के तीन सदस्य पकड़े गए। बाद में अन्य को मुम्बई सहित अन्य स्थानों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि गिरोह से हत्या में प्रयुक्त हथियार और 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए।