• बीड: मस्जिद ब्लास्ट और बांग्लादेशी मुद्दे पर विधायक मुफ्ती इस्माइल ने सरकार को दी नसीहत

    ईद से एक दिन पहले महाराष्ट्र के बीड में मस्जिद के पास हुए ब्लास्ट और मालेगांव सहित कई जिलों में बांग्लादेशियों के नाम पर चल रही कार्रवाई को लेकर एआईएमआईएम विधायक मुफ्ती इस्माइल ने सरकार को नसीहत दी है

    Share:

    facebook
    twitter
    google plus

    बीड। ईद से एक दिन पहले महाराष्ट्र के बीड में मस्जिद के पास हुए ब्लास्ट और मालेगांव सहित कई जिलों में बांग्लादेशियों के नाम पर चल रही कार्रवाई को लेकर एआईएमआईएम विधायक मुफ्ती इस्माइल ने सरकार को नसीहत दी है।

    उन्होंने कहा कि सरकार को राजधर्म निभाना चाहिए और सभी को इंसाफ देना चाहिए। मुफ्ती इस्माइल ने कहा, “सरकार को राजधर्म का पालन करना चाहिए। जनता ने आपको कुर्सी पर बिठाया है, अगर आप इंसाफ नहीं करेंगे तो जनता आपको हटा भी सकती है। हम देश के वफादार हैं और बराबर के हकदार हैं। हमें हमारा हक मिलना चाहिए।”

    उन्होंने सरकार से अपील की कि वह सभी नागरिकों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करे, ताकि आगे भी उसे जनता का समर्थन मिले। कुर्सी पर बैठना और टिकाना जनता के हाथ में है।

    ईद की नमाज के दौरान उन्होंने लोगों से कहा, “कुछ लोग चाहते हैं कि हम गलत काम करें, जिससे माहौल खराब हो लेकिन ऐसा करने से कानूनी कार्रवाई होगी। इसलिए अपने धर्म के मुताबिक जिएं और गैरकानूनी काम से बचें।”

    उन्होंने यह भी कहा कि हर किसी को अपने धर्म की आजादी है। संविधान ने हर भारतीय को अपने मजहब के हिसाब से जीने का हक दिया है। न हम किसी के धर्म में दखल दें, न कोई हमारे धर्म में दखल दे।”

    रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “अगर मालेगांव में बांग्लादेशी या रोहिंग्या हैं, तो हम कार्रवाई के समर्थन में हैं। लेकिन ये लोग बॉर्डर पार करके यहां तक कैसे पहुंचे? बांग्लादेश से बंगाल, फिर बिहार, यूपी, एमपी होते हुए महाराष्ट्र तक का लंबा रास्ता तय किया। बॉर्डर की सुरक्षा केंद्र की जिम्मेदारी है, सरकार सोई हुई थी क्या?”

    शिक्षा में भ्रष्टाचार पर भी उन्होंने चिंता जताई। मुफ्ती ने कहा, “स्कूलों को कारोबार बना दिया गया है। टीचरों से 10-10 साल तक कम सैलरी पर काम लिया जाता है, फिर अपने करीबियों को नौकरी दे दी जाती है। इससे बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। स्कूलों में सही तालीम दी जानी चाहिए और कानून का पालन होना चाहिए।”

    Share:

    facebook
    twitter
    google plus

बड़ी ख़बरें

अपनी राय दें