• दशहरा पूर्व 14 अक्टूबर को सेंसेक्स 61 हजार के पार

    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति का बाजार ने स्वागत किया है यद्यपि रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में पूर्व की भांति कोई बदलाव नहीं किया है

    Share:

    facebook
    twitter
    google plus

    - डॉ. हनुमन्त यादव

    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति का बाजार ने स्वागत किया है यद्यपि रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में पूर्व की भांति कोई बदलाव नहीं किया है।  रिजर्व बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार दिखाई देने के कारण 2021-22 के लिए 9.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर तथा उपभोक्ता वस्तु कीमतों की 5.3 प्रतिशत वृद्धि दर रहने का अनुमान लगाया है। सेंसेक्स 60,212 तथा निफ्टी 17941 बिंदु तक पहुंच गए। दिन भर के कारोबार में रिलायंस, विप्रो, टाटा मोटर्स, इंफोसिस और टेक महिंद्रा हरे निशान पर बंद हुए। 

    एक अक्टूबर को  58732.10 बिंदु पर खुलने वाले सेंसेक्स दशहरा त्योहार के एक दिन पहले 14 अक्टूबर को 61,000 बिंदु पार करने का कीर्तिमान बनाते हुए 61,305.95 के स्तर पर बंद हआ। सेंसेक्स की ही तरह एक अक्टूबर को 17,508.20 बिंदु पर खुलने वाला निफ्टी भी 14 अक्टूबर को लगभग 800 बिंदु  की बढ़त बनाते हुए 18,338.55 पर बंद हुआ। 8 अक्टूबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ऐलान की गई मौद्रिक नीति का शेयर बाजार द्वारा स्वागत किया गया, फलस्वरूप निवेशकों द्वारा की गई भारी लिवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मजबूती आई। 28 अक्टूबर सेंसेक्स के लिए पिछले 6 माह में सबसे अधिक गिरावट का दिन रहा, इस गिरावट का सिलसिला महीने के अंतिम कारोबार दिन 29 अक्टूबर को भी जारी रहा जिसके फलस्वरूप निवेशकों ने लाखों, करोड़ों रुपये गंवाएं। 

    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति का बाजार ने स्वागत किया है यद्यपि रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में पूर्व की भांति कोई बदलाव नहीं किया है।  रिजर्व बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार दिखाई देने के कारण 2021-22 के लिए 9.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर तथा उपभोक्ता वस्तु कीमतों की 5.3 प्रतिशत वृद्धि दर रहने का अनुमान लगाया है। सेंसेक्स 60,212 तथा निफ्टी 17941 बिंदु तक पहुंच गए। दिन भर के कारोबार में रिलायंस, विप्रो, टाटा मोटर्स, इंफोसिस और टेक महिंद्रा हरे निशान पर बंद हुए।  सेक्टोरियल इंडेक्स में आईटी, प्रायवेट और  पब्लिक सेक्टर बैंक, ऑटोमोबाइल, मेटल और मीडिया हरे निशान पर बंद हुए। तेजी के साथ सेंसेक्स 50,059.06 बिंदु और निफ्टी 17,895.20 बिंदु पर बंद हुए। 

    14 अक्टूबर को शुुरूआती कारोबार में ही 61,000 के पार 61,126.16 बिंदु पर खुला तथा दिन भर सौदों के कारण उतार चढ़ाव के साथ उच्चतम स्तर 61,305.95 बिंदु पर बंद हुआ। दिग्गज शेयरों में विप्रों, एचडीएफसी बैंक, आई टीसी, ग्रासिम और अडाणी पोर्टस हरे निशान पर बंद हुए। सेक्टोरियल, इंडेक्स में ऑटो को छोड़कर सभी सेक्टर्स जैसे कि फायनेंंिसयल सर्विसेज, सभी वर्ग के बैक, आई.टी., फार्मा, मेटल, मीडिया आदि हरे निशान पर बंद हुए। निफ्टी 18,279.50 बिंदु स्तर पर खुला और 18,338.55 बिंइु पर बंद हुआ। 14 अक्टूबर को बीएसई का बाजार पूंजीकरण लगभग 272 लाख करोड़ रुपये  पहुंच गया। चोटी की 37 कंपनियों के पास बाजार पूंजीकरण का लगभग 37 प्रतिशत हिस्सा था। जबकि चोटी की 50 कंपनियों का बाजार पूंजीकरण लगभग 150 लाख करोड़ रुपये था। 

    22 अक्टूबर को सेंसेक्स गिरावट के साथ 60,821.62 बिंदु और निफ्टी 18,114.90 बिंदु पर बंद हुए। सेंसेक्स कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 261 लाख करोड़ रुपये का था। चूंकि वैश्विक बाजार में इस समय तेजी का रूख बना हुआ है इसलिए सेंसेक्स में गिरावट को अल्पकालिक माना जा सकता है। गुरुवार 28 अक्टूबर को एशियाई शेयर बाजारों की तरह भारतीय शेयर बाजारों में भी तेजी से गिरावट आने के कारण सेंसेक्स 1000 बिंदु फिसलन के साथ 59,984.70 तथा निफ्टी 17,857.25 बिंदु पर बंद हुआ। 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में गिरावट के तीन कारण बताए जाते हैं- पहला, विदेशी निवेशकों द्वारा पिछले कुछ दिनों से लगातार बिकवाली किया जाना। दूसरा, वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट का दौर आना। तीसरा, भारतीय बाजार में लगातार तेजी से मुनाफा वसूली होना। 

    माह के अंतिम कारोबारी दिन 29 अक्टूबर को भी शेयरों में गिरावट का दौर जारी रहा। बीएसई का सेंसेक्स गिरकर 59,306.93 बिंदु तथा एनएसई का निफ्टी 17,671ण्00 बिंदु पर बंद हुए। सेसेंक्स कंपनियों के 30 शेयरों में 21 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिन्द्रा, इंडसइंड बैंक, लार्सन एंड टूब्रो, एक्सिस बैंक और इंफोसिस के शेयर 2 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुए। आईआरसीटीसी शेयर 7.85 प्रतिशत गिरावट के साथ 845.65 पर बंद हुआ। बंबई शेयर बाजार में कुल 3,399 शेयरों में कारोबार हुआ जिसमें से 1,819 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बंद के समय बीएसई मिड कैप 25,277 बिंदु और स्माल कैप 27,982 बिंदु पर था। बीएसई में सेंसेक्स का बाजार पूंजीकरण 261 लाख करोड़ रुपये से घटकर 259 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

    29 अक्टूबर को विभिन्न औद्योगिक सूचकांक इस प्रकार थे:- बीएसई बेसिक मटेरियल इंडेक्स 5657, बीएसई इनर्जी इंडेक्स 7951, सूचना प्रौद्योगिकी इंडेक्स 32,491,  बीएसई फायनेस इंडेक्स 8,747, बीएसई ऑटो, इंडेक्स 25,338, बीएसई पावर इंडेक्स 3337, बीएसई मेटल इंडेक्स 20,017, बीएसई फास्ट मूविंग कंज्यूमर डयूरेबल गुडस इंडेक्स 14,002, बीएसई टेलीकॉम इंडेक्स 1,714, बीएसई केपीटल गुड्स इंडेक्स 26,677, बीएसई कंज्यूमर डयूरेबल्स इंडेक्स 43,218, बीएसई हेल्थ केयर इंडेक्स 25,033, बीएसई प्रायवेट बैंक इंडेक्स 13,358, बीएसई पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग इंडेक्स 7742, बीएसई ऑयल एंड गैस इंडेक्स 18,142, बीएसई रियल्टी इंडेक्स 3,989,  बीएसई यूटिलिटीज इंडेक्स 3,337, बीएसई टेक इंडेक्स 14,969, बीएसई सीडीजीएस इंडेक्स 5,792, आदि ।

    29 अक्टूबर को सेंसेक्स कंपनियों का बाजार पूंजीकरण लगभग 259 लाख करोड़ रुपये था। अक्टूबर माह में अधिकांश कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई है। 29 अक्ूटबर को चुनिंदा बड़े कारपोरेट्स का  बाजार पूंजीकरण इस प्रकार था:- रिलायंस इंडस्ट्रीज 16.36 लाख करोड़ रुपए, टीसीएस 12.57 लाख करोड़ रुपए,  एचएडएफसी बैंक 8.76 लाख करोड़ रुपए, इंफोसिस 7.01 लाख करोड़ रुपए,  हिन्दुस्तान यूनीलीवर 5.62 लाख करोड़ रुपए,  एचएडएफसी हाउसिंग फायनेंस 5.14 लाख करोड़ रुपए, आईसीआईसीआई बैंक 5.56 लाख करोड़ रुपए, कोटक महिन्द्रा 4.05 लाख करोड़ रुपए, विप्रो 3.54 लाख करोड़ रुपए,  स्टेट बैंक ऑफ  इंडिया 4.48 लाख करोड़ रुपए,  भारती एअरटेल 3.83 लाख करोड़ रुपए, एशियन पेंटस 2.97 लाख करोड़ रुपए, बजाज फायनेंस 2.81 लाख करोड़ रुपए, और आईटीसी लिमिटेड 2.75 लाख करोड़ रुपए। 

    दशहरा के अवसर पर जब सेंसेक्स ने 61,000 का बिंदु पार किया था उस समय दिवाली के अवसर पर 62,000 बिंदु पार करने की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही थी। किंतु 28 व 29 अक्टूबर को सेसेंक्स में आई फिसलन से जिस तरह से 1600  बिंदुओं की गिरावट आने के कारण सेंसेक्स 59,306 बिंदु तक फिसल गया, अब  दिवाली के पहले कारोबार दिनों में सेंसेक्स में तेजी से उठाव होना चाहिए। कोरोना की तीसरी लहर 31 अक्टूबर तक भारत नहीं आ पाई। अब एम्स के अधिकारियों द्वारा तीसरी लहर के नवंबर माह में भारत आने की संभावना व्यक्त की जाने लगी है। इस संभावना को देखते हुए आगे आने वाले दिनों में हर स्तर पर पूरी सावधानी रखने की जरूरत है ।  

    Share:

    facebook
    twitter
    google plus

बड़ी ख़बरें

अपनी राय दें