• पहला सतत विकास लक्ष्य शहरी सूचकांक जारी 

    नगरों में अधिकतम नागरिक सुविधाओं के सर्वेक्षण में शिमला ने प्रथम, कोयम्टूर ने द्वितीय और चंडीगढ़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है।

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    नगरों में अधिकतम नागरिक सुविधाओं के सर्वेक्षण में शिमला ने प्रथम, कोयम्टूर ने द्वितीय और चंडीगढ़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस सर्वेक्षण सतत विकास लक्ष्य के विभिन्न क्षेत्रों में पूर्ण सुविधा प्राप्त करने वाले नगरों के बारे में भी जानकारी एकत्रित की गई है। सतत विकास लक्ष्य कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकांश लक्ष्य की नागरिक सुविधा मात्र एक ही नगर तक सीमित रही। सतत विकास लक्ष्य का पहला लक्ष्य, नगर से गरीबी की समाप्त करके शून्य स्तर पर लाने में  तमिलनाडु का कोयम्बटूर, दूसरे लक्ष्य भुखमरी शून्य स्तर पर लाकर गरीबी से मुक्ति केरल राज्य का कोच्चि, तीसरा लक्ष्य उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली  शिमला  चौथा लक्ष्य गुणवत्तापरक शिक्षा केरल राज्य का  तिरूवनंतपरम, पांचवा लक्ष्य,  लैंगिक समानता- में कोच्चि,  छठवा लक्ष्य स्वच्छ जल एवं स्वच्छता- भोपाल नगर तक सीमित रही। 

    विगत 18 नवंबर को नीति आयोग के  उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने पहला सतत विकास लक्ष्य नगरीय सूचकांक जारी करते हुए अपने वक्तव्य में कहा नीति आयोग और जीआईजेड के बीच अनूठी भागीदारी के जरिए तैयार एसडीजी शहरी सूचकांक है। राजीव कुमार ने कहा कि शहर तेजी से वृद्धि के इंजन बनते जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि नगरीय सूचकांक और डैशबोर्ड हमारे शहरों में एक मजबूत एसडीजी जनगरानी प्रणाली स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

    नगरीय सूचकांक के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 56 क्षेत्रों में 44 बड़ी आबादी वाले बड़े नगर चुने गए हैं तथा 12 उत्तरपूर्व के राज्यों की राजधानियां चुनी  गई हैं जिनकी जनसंख्या 10 लाख से भी कम है।


    पहले सतत विकास लक्ष्य के नगरीय सूचकांक में  सबसे अधिक नागरिक सुविधा संपन्न नगरों  में पहले स्थान पर 75.50 प्राप्तांक के साथ शिमला, दूसरे स्थान पर 73.56 प्राप्तांक के साथ कोयम्बटूर तथा तीसरे स्थान पर 72.56 प्राप्तांक के साथ चंडीगढ़ पाया गया। 65 से 99 अंक प्राप्त करने वाले नगरों को 'फ्रंट रनर नाम दिया गया है। इन तीन नगरों के  बाद  चौथे से दसवें स्थान पर क्रमश: तिरूवनंतपुरम प्राप्तांक   72.36, कोच्चि प्राप्तांक 72.29, पणजी प्राप्तांक 71.80, पुणे प्राप्तांक 71.21, तिरूचिरापल्ली प्राप्तांक 70.00, अहमदाबाद प्राप्तांक 69.79 और नागपुर प्राप्तांक 69.70 नगर हैं। ये सभी फ्रंट रनर श्रेणी के नगर है। प्राप्तांक के आधार पर 64 से कम अंक प्राप्त करने वाले नगर 'प्रोफॉर्मर श्रेणी में शामिल किए जाते हैं।
    56 नगरों में सबसे कम नागरिक सुविधा संपन्न 10 नगरों  में सबसे निचले स्थान पर धनबाद है जिसके प्राप्तांक 52.43 है। नीचे से दूसरे स्थान पर मेरठ प्राप्तांक 54.64 तथा तीसरे स्थान पर गुवाहाटी प्राप्तांक 55.79 है। नागरिक सुविधा में निचले 10 नगरों ं में क्रमश: पटना प्राप्तांक 57.29, जोधपुर प्राप्तांक 58.00, कोहिमा प्राप्तांक 58.07, आगरा प्राप्तांक 58.21, कोलकाता 59.50 और फरीदाबाद 58.57 है।  यहां पर प्राप्तांक निर्धारण नियमों एवं स्कीम निर्धारक के बारे में बता देना जरूरी है।  प्राप्तांक निर्धारण हेतु  46 टारगेट तय किए गए हैं और मूल्यांकन के लिए 77 सूचक हैं।  नीति आयोग ने 'इंडो-जर्मन डेवलेपमेंट कोऑपरेशन  के तहत जीआईजेड और बीएमजेड साथ मिलकर नगरीय सूचकांक और ताजा जानकारी के लिए 'डैशबोर्ड विकसित किया है।

     
    सतत विकास लक्ष्य और इनके 169 उद्देश्य सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा है जिसे सितम्बर 2021 में युनाइटेड नेशंस आर्गेनाइजेशन की शिखर बैठक में 193 सदस्य देशों ने अनुमोदित किया था। यह पहली जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ। भारत में नीति आयोग द्वारा इसको अमली जामा पहनाकर  क्रियान्वयन किया जा रहा है। भारत में क्रियान्वयन हेतु राज्यों के योजना आयोग को यह दायित्व दिया गया है जो राज्यों के जिला स्तर तक अपनी क्षमता अनुसार यह कार्य कर रहे हैं।

    देश में 2020 में कोरोना कोविड की पहली लहर तथा 2021 में दूसरी लहर के कारण सतत विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन में शिथिलता आई थी  किंतु अब पुन: लक्ष्यों के क्रियान्वयन में सक्रियता आ रही है।
    3 जून 2021 को नीति आयाग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने राज्यस्तरीय सतत विकास कार्यक्रम की उपलब्धियों का तीसरा संस्करण जारी किया। इस संस्करण में पिछले सालों की भांति केरल राज्य प्रथम स्थान पर, हिमाचलप्रदेश और तमिलनाडु दूसरे स्थान पर, आन्ध्रप्रदेश, गोवा, कर्नाटका और उत्तराखंड तीसरे स्थान पर, सिक्किम चौथे और महाराष्ट्र पांचवे स्थान पर रहे। इन राज्यों को 70 सेे अधिक अंक प्राप्त होने के कारण ये फ्रंट रनर श्रेणी के राज्यों में हैं। दूसरी ओर सबसे पिछड़ी पंक्ति में बिहार पहले, झारखंड दूसरे, असम तीसरे, अरूणांचल, मेघालय, राजस्थान और उत्तरप्रदेश चौथे  तथा छत्तीसगढ़, नागालैंड और ओडिशा पांचवें स्थान पर रहे। ये सभी पिछड़े  राज्य परफॉर्मर श्रेणी के राज्य कहे जा सकते हैं।
    सतत विकास कार्यक्रम के नगरीय सूचकांक में प्राप्तांक के आधार पर घटते क्रम से ये नगर हैं:-1. शिमला 2. कोयम्बटूर 3. चंडीगढ़ 4. तिरूवनंतपुरम 5. कोच्चि 6. पणजी  7. पुणे 8. तिरूचिरापल्ली  9. अहमदाबाद  10. नागपुर  11. चेन्नई 12. सूरत 13 ऐजोल नगर मिजोरम राज्य 14. बेंगलुरू 15. भोपाल 16. वडोदरा, 17. शिलांग मेघालय राज्य, 18. विशाखापट्टनम,  19. नासिक,  20. दिल्ली,  21. रायपुर,  22. हैदराबाद, 23. लुधियाना 24. रांची, 25. अमृतसर, 26. इंदौर,  27. मदुरई  28. औरंगाबाद,  29. राजकोट  30. विजयवाड़ा, 31. गंगटोक सिक्किम, 32. अगरतला, ़ि़त्रपुरा  33. मुंबई,  34. ग्वालियर,  35. देहरादून,  36. लखनउ, 37. जयपुर  38. कानपुर,  39. श्रीनगर,  40. जबलपुर,  41. गाजियाबाद  42. प्रयागराज, 43. इम्फाल,मणिपुर  44. भुवनेश्वर, 45. कोटा, 46. वाराणसी, 47 . फरीदाबाद, 48. कोलकाता, 49. आगरा,  50. कोहिमा, नागालैंड राज्य  51. जोधपुर  52. पटना, 53. गुवाहाटी,  54. ईटानगर अरूणांचल राज्य, 55. मेरठ  56. धनबाद झारखंड राज्य ।
      यह बताया जा चुका है कि नगरों में अधिकतम नागरिक सुविधाओं के सर्वेक्षण में शिमला ने प्रथम, कोयम्टूर ने द्वितीय और चंडीगढ़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस सर्वेक्षण सतत विकास लक्ष्य के विभिन्न क्षेत्रों में पूर्ण सुविधा प्राप्त करने वाले नगरों के बारे में भी जानकारी एकत्रित की गई है। सतत विकास लक्ष्य कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकांश लक्ष्य की नागरिक सुविधा मात्र एक ही नगर तक सीमित रही। सतत विकास लक्ष्य का पहला लक्ष्य, नगर से गरीबी की समाप्त करके शून्य स्तर पर लाने में  तमिलनाडु का कोयम्बटूर, दूसरे लक्ष्य भुखमरी शून्य स्तर पर लाकर गरीबी से मुक्ति केरल राज्य का कोच्चि, तीसरा लक्ष्य उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली  शिमला  चौथा लक्ष्य गुणवत्तापरक शिक्षा केरल राज्य का  तिरूवनंतपरम, पांचवा लक्ष्य,  लैंगिक समानता- में कोच्चि,  छठवा लक्ष्य स्वच्छ जल एवं स्वच्छता- भोपाल नगर तक सीमित रही। 
    सतत विकास कार्यक्रम का सातवां लक्ष्य:  सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा: शिमला, आठवां लक्ष्य सराहनीय कार्य एवं आर्थिक विकास- बेंगलुरू, नौवां लक्ष्य उद्योग, नवाचार और बुनियादी सुविधाएं, सूरत गुजरात, दसवां लक्ष्य असमानताओं में कमी- अमृतसर, ग्यारहवां लक्ष्य- सवंहनीय शहर एवं समुदाय, नासिक, चौदहवां लक्ष्य जलीय जीवों की सुरक्षा, पद्रहवां लक्ष्य थलीय जीवों की सुरक्षा बारहवां लक्ष्य, संवहनीय उपभोग एवं उत्पादन:आगरा, अहमदाबाद, बेंगलुरू, फरीदाबाद हरियाणा, गाजियाबाद, गुवाहाटी, ग्वालियर, कानपुर, पटना, प्रयागराज, राजकोट, शिमला, वाराणसी, तेरहवां लक्ष्य: जलवायु कार्रवाई: एजवल, कोच्चि, शिलांग, शिमला और तिरूवनंतपरम, तथा सोलहवां लक्ष्य शांति, न्याय एवं सशक्त संस्थाएं, पणजी रहा। लक्ष्य हेतु भागीदारी सत्रहवां लक्ष्य, रहा।


    नवम्बर 2022 में दूसरा सतत विकास लक्ष्य नगरीय सूचकांक जारी किए जाने की संभावना है। चूंकि स्थिति अब सामान्य होती जा रही है इसलिए अगले 2022 में नगरीय सूचकांक के हर एक क्षेत्र में प्रगति होने की पूरी संभावना है। 
    डॉ. हनुमन्त यादव

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