• उप्र के 3 मामलों को सीबीआई जांच का इंतजार

    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह हत्याकांड, आगरा का नेहा शर्मा हत्याकांड व मुरादाबाद की छात्रा नीरज भड़ान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अभी दर्ज नहीं की है।

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    लखनऊ !   उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह हत्याकांड, आगरा का नेहा शर्मा हत्याकांड व मुरादाबाद की छात्रा नीरज भड़ान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अभी दर्ज नहीं की है।   प्रदेश सरकार ने इसी हफ्ते इन तीनों मामलों की जांच सीबीआई से कराए जाने की संस्तुति केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय से की थी। साथ ही निर्धारित प्रारूप में तीनों मामलों की जानकारी भी भेजी गई थी। खास बात तो यह है कि सीबीआई सूत्रों के मुताबिक अभी तक तीनों मामलों की जांच को लेकर केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय का पत्र उन्हें नहीं मिला है।

    ज्ञात हो कि आजमगढ़ में पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें उनके साथ मौजूद भरत राय की भी गोली लगने से मौत हो गई थी, जिससे आजमगढ़ की जनता आक्रोशित हो गई थी। उन्होंने जीयनपुर थाने पर हमला बोल दिया था। जनता और पुलिस के बीच हुए संघर्ष में तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी।

    वहीं पूर्व विधायक की पत्नी सीबीआई जांच कराने की मांग पर अड़ गईं और उन्होंने अनशन शुरू कर दिया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने गुरुवार को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी।

    वहीं, आगरा में शोध छात्रा नेहा शर्मा की हत्या विगत 15 मार्च को आगरा के दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में हुई थी। लैबोरेटरी में मिले उसके शव में किसी धारदार वस्तु से 12 घाव के निशान पाए गए थे। घटना के करीब एक माह बाद आगरा पुलिस ने इंस्टीट्यूट के लैब टेक्नीशियन यशवीर सिंह संधू व बीएससी के छात्र उदय स्वरूप को गिरतार कर घटना का खुलासा किए जाने का दावा किया था।

    पुलिस ने डीएनए रिपोर्ट के मिलान के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की तफ्तीश से असंतुष्ट नेहा के परिजनों ने इसकी सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया था, जिसे प्रदेश सरकार ने मान लिया था।

    इसी तरह मुरादाबाद के र्तीथकर महावीर विश्वविद्यालय की छात्रा नीरज भड़ाना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस ने अपनी जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना था, जबकि उसके परिजनों का आरोप था कि उसकी हत्या की गई है। परिजनों के आग्रह के बाद प्रदेश सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश भी की थी।

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