• अयोध्या मुद्दाः शिलापूजन बाद रामबारात लेकर नेपाल जायेगी विहिप

    नेपाल में माओवादियों की बढी ताकत का माकूल जवाब देने और हिन्दूवादी संगठनों को एकजुट करने के लिये विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) सवा तीन लाख पूजित शिलाओं का दोबारा पूजन करने के दूसरे ही दिन 14 नवम्बर को राम बारात लेकर जनकपुर(नेपाल) जायेगी। ...

    अयोध्या। नेपाल में माओवादियों की बढी ताकत का माकूल जवाब देने और हिन्दूवादी संगठनों को एकजुट करने के लिये विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) सवा तीन लाख पूजित शिलाओं का दोबारा पूजन करने के दूसरे ही दिन 14 नवम्बर को राम बारात लेकर जनकपुर(नेपाल) जायेगी।अयोध्या में 11,12 और 13 नवम्बर को शिलाओं ''ईंट'' का दोबारा पूजन होगा। राम मंदिर आंदोलन के दौरान विहिप ने नवम्बर 1989 में देश के सवा लाख गांवो से इन शिलाओं का पूजन करके मंगवाया था। इन शिलाओं के फिर से पूजित होने के दूसरे ही दिन यहां से रामलला की बारात निकलेगी। बारात 21 नवम्बर को जनकपुर पहुंचेगी जहां रामलला जानकी संग सात फेरे लेंगे। राम बारात अयोध्या से निकलकर आजमगढ, बक्सर, आरा, छपरा और पटना होते हुये 21 नवम्बर को जनकपुर पहुंचेगी। सन् 2004 में इसी तरह निकली बारात का तात्कालीन नेपाल नरेश ग्यानेन्द्र ने स्वागत किया था। उस समय नेपाली जनता ने भी इसमें बढ चढ कर हिस्सा लिया था।जानकारों के अनुसार विहिप इस आयोजन के जरिये भारत नेपाल की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखना चाहती है। विहिप चाहती है कि पौराणिक विरासत पुनर्जीवित हो साथ ही वह नेपाल में माओवादियों का प्रभाव भी कम करना चाहती है। राम बारात में साधु सन्तो के साथ ही विहिप नेता शामिल होंगे। राम का विग्रह दूल्हे के रुप में यहां से जायेगा और वहां जनकपुर से माता सीता के विग्रह को दूल्हन के रप में लाया जायेगा। बारात 24 नवम्बर को यहां पहुंचेगी। दूसरी ओर कुछ जानकारों का कहना है कि विहिप इन आयोजनों के साथ अयोध्या मुद्दे को एक बार फिर गरमाना चाहती है। वह चाहती है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से ऊपर उठे।

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