पारम्पारिक स्वरूप से खिलवाड़ पर लोगों में नाराजगीरायपुर ! भगवान गणेश की स्थापना मूर्तिकार और गणेश समितियों द्वारा मनमाफिक स्वरूप में की जाती है। राजधानी के कई स्थानों में गणपति को कई स्वरूपों में स्थापित किया गया है, लेकिन भनपुरी में गणेश जी की प्रतिमा को गजनी फिल्म के हीरो के रूप स्थापित किया गया, जिससे यहां के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इसके चलते अब मूर्ति को नया स्वरूप दे दिया गया है। गणेश प्रतिमाओं के स्थापना के दौरान उन्हें अलग-अलग स्वरूप में बैठाने की परम्परा से गणेश जी के पारम्पारिक स्वरूप का लगातार अपमान हो रहा है।हिन्दू धर्म के प्रथम पूज्य आराध्यदेव गणपति की स्थापना से राजधानी में अलौकिक उत्साह का वातावरण बन जाता है, लेकिन लोगों को आकर्षित करने की चाह में भगवान श्री गणेश के पारम्पारिक स्वरूप से लगातार छेड़छाड़ की जा रही है। इस वर्ष राजधानी के भनपुरी क्षेत्र में स्थापित एक प्रतिमा को गजनी फिल्म के हीरो के रूप में स्थापित किया गया, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। भगवान श्री गणेश को जीन्स पहनाकर गजनी की तर्ज पर पूरा निर्वस्त्र कर दिया गया था, साथ ही उनके बाल एवं शरीर की आकृति को गजनी फिल्म के हीरो की भांति बनाया गया था, इससे यहां के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जनाक्रोश को देखते हुए गणेशोत्सव समिति ने अब भगवान गणपति को पारम्पारिक स्वरूप देकर परिधानों एवं अन्य शृंगारों से सुसज्ज्ाित कर दिया है। बंजारी माता वार्ड भनपुरी के कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रमेश बन्दे ने कहा कि गणेशोत्सव समिति की इस गतिविधि से हिन्दुओं की धार्मिक भावना आहत हुई है। भगवान के ऐसे अपमान को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ हिन्दू मंच द्वारा उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं हड़ताल जैसी कार्रवाई की जाएगी।कांग्रेस नेता रमेश बन्दे ने कहा कि हिन्दुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए समितियों एवं मूर्तिकारों को मूर्ति की स्थापना एवं निर्माण किया जाना चाहिए। वहीं उन्होंने चंदा वसूली के लिए व्यापारियों एवं लोगों पर दबाव बनाए जाने की भी निंदा की है।वार्डवासियों एवं कांग्रेस नेताओं के विरोध के बाद भनपुरी गणेशोत्सव समिति ने भगवान गणेश को धोती सहित पारम्पारिक रूप में संवार दिया है लेकिन इसके बाद भी लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।